• 10 February 2026

    क्या तुम जानते हो?

    सच्चाई शब्दोकी

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    मेरे कहने से पहले तुम समझ जाओ यही चाहिए

    अगर तुम्हे समझा न पाऊं तो मेरी खामोशियोंको महसूस करके तुम समझ जाओ.


    कई बार ऐसा होता हे आप जिनको प्रधान्य दे रहे हो उनके लिए हमेशा उपस्थित रहो उसको आपकी भावनाएं और प्रेमकी कदर ही ना हो

    खुद खाना ना खाके पहले उनका इंतजार करना क्या वो ये समर्पण समझ पाएगा या पाएगी?


    क्या पता आपने जिनको अपने दिलमें रखा हो वो आपको कोई अहमियत ना देके बस भावनाओके साथ खिलवाड़ कर रही हो.


    जैसे हमने उनको पासवर्ड में सजाकर रखा हे वो आपकी ब्लॉक जगा बनाके बैठा हो.


    ए दिल सम्भल जा खिलौने की जिद मत कर क्या पता वो भी आपको एक खिलौना ही समझ रहे हो क्या पता



    Pro.Hitesh Bonvadiya


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