5सफलता की पहिली सीढि।
चिंतन ही है जग में मिली।
जिसने सोचा विचारा।
खुद को उसने उबारा।
हालात को यह बदले।
पहुंचाये यह किनारा।
मत इससे रख खुद को दूर।
इसी से हो सकता मशहूर।
चिंतन सही दिशा।
जीवन का यह हिस्सा।
आबाध चलने दे इसे।
तैयार होने दे किस्सा।
कर चिंतन हरदम भरपूर।
इससे कभी न हो मजबूर।
एक एक शब्द का।
एक एक अर्थ का.।
जीवन के शर्त का।
मत बना पिटारा व्यर्थ का।
इससे अलग कहलायेगा।
चिंतन ही अलग बनायेगा.।
गिरधारी लाल चौहान
सक्ती छत्तीसगढ़
चिंतन ही अलग बनायेगा।
इससे अलग तू कहलायेगा