• 01 October 2026

    क्या करुं

    अब समझा

    0 6

    किस जन्म की कविता पढूं।

    यह तो मुझको याद नहीं।

    कौन सा जन्म पाया था।

    यह तो मुझको याद नहीं।


    किताबों से मिला ज्ञान है।

    किताबों से मिलता ध्यान है।

    है मेरे पास बहुत सी किताबें।

    किताबें रोज पढूं पहचान है।


    हर जन्म महत्व का होता है।

    इससे मैं भी अक्षरसः सहमत हूँ।

    याद नहीं रहता क्या कर सकते।



    गिरधारी लाल चौहान


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