• 07 July 2026

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    *प्रैस विज्ञप्ति-*

    *' वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की पावस पर कवि गोष्ठी हुई-*

    टीकमगढ़// दिनांक -5.7.2026 को नगर की सक्रिय साहित्यिक संस्था वनमाली सृजन केन्द्र जिला इकाई टीकमगढ़ की पावस पर केन्द्रित कवि गोष्ठी ‘आकांक्षा पब्लिक स्कूल टीकमगढ़’ में आयोजित की गयी।
    कवि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ बुंदेली कवि रामानंद पाठक ‘नंद’ (नैगुवाँ) ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार यदुकुलनंदन खरे (बल्देवगढ़) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ शायर हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ रहे।
    गोष्ठी की शुरूआत सरस्वती पूजन दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात कवि प्रमोद मिश्रा (बल्देवगढ़) ने सरस्वती वंदना कर ये रचना सुनायी-
    मिलो परिचय जो बुंदेली पानी कौ,नाव दुनिया में झाँसी की रानी कौ।
    शायर जनाब खालिद बेग (गुरसराय) ने ग़ज़ल कही-
    तजकिरा उल्फ़त हो दिनरात हिन्दुस्तान में।
    पर न हो नफ़रत की कोई बात हिन्दुस्तान में।।

    वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ के अध्यक्ष एवं संयोजक
    राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने पावस दोहे सुनाए-
    काले बादल ला रहे, पानी अपने साथ।
    धरती स्वागत के लिए बड़ा रही है हाथ।।

    प्रभुदयाल श्रीवास्तव ने पढ़ा- लगबै बसकारौ बसकारौ, लगन लगो इँदयारौ।परदेसी प्रीतम प्यारे बिन, बेकल जिया हमारौ।।

    रामगोपाल रैकवार ने दोहे पढ़े-
    फिर आ गए आषाढ़ के दिन आ गए।फिर छा गए आषाड़ के घन छा गए।।रामनंद पाठक ‘नंद’ (नैगुवाँ) ने पढ़ा-
    बसकारे के दिन जे प्यारे तपन सिरावन बारे।रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे मोरन पँख पसारे।।स्वप्निल तिवारी ने पढ़ा- पत्ते से पत्ते पर नन्हें कदम, समाहित वह मिट्टी में गतिमान।गिरती बूँदे रंग बदलते आसमान।।

    वफा शैदा ने ग़ज़ल कही-
    वो मेरी खूब वफ़ाओं का सिला देते हैं।जब भी देते हैं हमें दोस्त दगा देते हैं।कमलेश सेन ने सुनाया- जब-जब पावस आता है। हमको बहुत लुभाता है।।

    यदुकुल नंदन खरे ने पढ़ा-
    भले आपके आगे कोई षटरस व्यंजन का थाल लिए हो।
    सियाराम अहिरवार ने पढ़ा- पावस ऋतु आई है फिर से, झरना झरने लगे हैं गिर से।।
    शकील खान ने ग़ज़ल कही-
    काले काले ये बादल घने छा गए।सबके मन को बहुत आज फिर भा गए।।डी.पी.यादव ने पढ़ा- बरसै बदरा करो करो, जानों आ गव है बसकारो।

    हाज़ी ज़फ़रउल्ला खां ज़फ़र’ ने ग़ज़ल कही- जईफी आई है जब से नया साथी मिला है।नहीं तंहा हूँ मैं ये दर्द मेरे साथ तौ है।।शायर सलीम खान एवं बसीर फराज़ ने भी अपने कलाम पढ़े।
    कविगोष्ठी का संचालन कमलेश सेन ने किया तथा सभी का आभार प्रदर्शन वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ने किया।
    ***
    *रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’* टीकमगढ़(म.प्र.)मोबाइल-9893520965



    राजीव नामदेव राना लिधौरी


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