• 10 August 2026

    जिस तरह

    अब समझा

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    जिस तरह आदमी सच बोलता है।

    उसी तरह आदमी कहाँ झूठ बोलता है।

    दोनों के प्रभाव जग में अलग होते हैं।

    एक हँसा देता सबको एक से सब रोते हैं।

    खुशियों का ही मेला होता है।

    दुख तो हमेशा अकेला होता है।

    किसी बात पर लोग सहमत होते हैं।

    किसी भी आदमी असहमत होते हैं।

    इंसानियत हमेशा जीवित रहता है।

    इंसानियत कभी नहीं मरता है।

    कोई आदमी हमेशा झुंका नहीं रहता।

    कभी अवसर मिलता है उसे नहीं झुकने की।


    गिरधारी लाल चौहान

    सक्ती छत्तीसगढ़




    गिरधारी लाल चौहान


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