नवरस कथा प्रतियोगिता परिणाम :
* प्रथम पुरस्कार
किंत्सुगी श्रृंगार : श्रृंगार रस : शमीम मर्चेंट
* द्वितीय पुरस्कार
जहां प्रेम हार नही मानता : करुण रस : डॉक्टर शिखा गोस्वामी "निहारिका"
* तृतीय पुरस्कार
अम्मा होते बाबूजी : करुण रस : डॉ. लता अग्रवाल
* प्रोत्साहन पुरस्कार
१. गुड्डो के पिताजी...: करुण रस : विनीता राहुरीकर
२. चौपटदास : हास्य रस : आनंद चौधरी
३.प्यार का नगमा : हास्य रस : काव्यांशी श्रीवास्तवा
४. रिसन : वीभत्स रस : डॉ लता अग्रवाल
५. भ्रम : हास्य रस : कुमार धनंजय सुमन
६. विदेह की वैदेही : श्रृंगार रस : रीमा महेंद्र ठाकुर
७. अतीत का आईना : भयानक रस : आएशा दीवान
दोस्तों, रसानंद या रसास्वाद हमें काव्य, ग़ज़ल, नाटक या अन्य साहित्यिक कृतियों के माध्यम से प्राप्त होता है। रस कहीं दिखाई नहीं देता, न उसका कोई ठोस रूप है और न ही कोई निश्चित आकार। हम अक्सर कहते हैं — “मुझे इसमें रस है” या “मुझे इसमें बिल्कुल रस नहीं है”, पर आखिर यह ‘रस’ है क्या?
रस वह अनुभूति है, जब ललित कलाएँ हमारे सामने प्रस्तुत होती हैं और हमारा मन एक अवर्णनीय आनंद का अनुभव करता है। सामान्यतः उसी आनंद को रस कहा जाता है। जब आप कोई गद्य या पद्य पढ़ते हैं, कोई नाटक या फिल्म देखते हैं, तब उसमें उपस्थित दृश्य और भाव आपकी इन्द्रियों को स्पर्श करते हैं। आपकी अंतःचेतना उन भावों को समझकर उसी के अनुरूप भीतर रस उत्पन्न करती है।
एक नाट्यकार अपने हाव-भाव, संवाद, वेशभूषा, संगीत और अभिनय के माध्यम से अपनी कृति के भावों को सजीव बनाने का प्रयास करता है। वहीं एक लेखक अपनी कलम से भावों की ऐसी सरिता बहाता है कि पाठक उसमें डूब जाता है।
पाठक लिखे हुए शब्दों को हृदय में उतारकर भावुक होने लगता है और जो आनंद या अद्भुत अनुभूति प्राप्त करता है, वही ‘रस’ कहलाता है।
हमारे साहित्य में ऐसे ही नौ प्रमुख रसों का वर्णन किया गया है।
हिन्दी साहित्य के ९ रस (नवरस):
शृंगार रस
हास्य रस
करुण रस
रौद्र रस
वीर रस
भयानक रस
वीभत्स रस
अद्भुत रस
शांत रस
आप सभी प्रबुद्ध लेखकों ने अपनी असंख्य रचनाओं के माध्यम से पाठकों को भावुक किया है और उन्हें विविध प्रकार के लेखन द्वारा अनेक रसों का आस्वाद दिया है।
तो अब, शॉपिज़न आपको एक कथा लेखन हेतु आमंत्रित कर रहा है। आपको उपर्युक्त बताए गए किसी एक अथवा एक से अधिक रसों को आधार बनाकर एक कहानी का सृजन करना होगा। विशेष ध्यान रहे कि कहानी लिखने से पहले यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा कि आपने किस रस का प्रयोग किया है। आप किसी एक रस को प्रमुखता देते हुए अन्य रसों का भी समावेश कर सकते हैं, परंतु लेखन में मुख्य रूप से एक ही रस प्रभावी और प्रधान होना चाहिए।
प्रतियोगिता के अन्य नियम नीचे दिए गए हैं। कृपया उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़कर ही प्रतियोगिता में भाग लें।
तो तैयार हो जाइए — अपनी कलम के माध्यम से अपने पाठकों को ‘रस’ से सराबोर करने के लिए!
पुरस्कार :
1 : प्रथम पुरस्कार: 2500/- एवं डिजिटल प्रमाणपत्र
2 : द्वितीय पुरस्कार: 1500/- एवं डिजिटल प्रमाणपत्र
3 : तृतीय पुरस्कार: 1000/- एवं डिजिटल प्रमाणपत्र
4 : प्रोत्साहन पुरस्कार: शॉपिज़न प्रकाशित पुस्तकें
नियम व शर्तें :
1. कृपया अपनी कथाएँ प्रतियोगिता के बैनर पर क्लिक करके ही प्रविष्ट करें।
2. शॉपिज़न की इस प्रतियोगिता की कालावधी 14 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 रात 12:00 बजे तक होगी।
3. एक प्रतियोगी अधिक से अधिक पाँच कथाएँ भेज सकता है।
4. कथा की शब्द सीमा 1000 से 3000 है।
5. अनुवादित साहित्य अमान्य है।
6. कथा की प्रभावशाली प्रस्तुति, निश्चित रस की प्रधानता, भाषा व व्याकरण की शुद्धता, शब्द सीमा, सार्थक शीर्षक एवं सार्थक अंत इन बिंदुओं के आधार पर परीक्षकों द्वारा परीक्षण किया जाएगा।
7. इस प्रतियोगिता में सभी प्रतियोगी भाग ले सकते हैं लेकिन सफारी इंफोसॉफ्ट व शॉपिज़न कर्मचारी एवं उनके परिवार जनों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं है।
8. कृपया ध्यान रखें कि इस प्रतियोगिता में मौलिक एवं अप्रकाशित कथाएँ ही आमंत्रित हैं।
9. अप्रामाणिकता के कई रूप हैं, जिनमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जहाँ हमें साहित्यिक चोरी की सामग्री मिलती है या किसी के शब्दों, विचारों या सूचनाओं को ऐसे प्रकाशित किया जाता है जैसे कि वे आपके अपने हों, ऐसे प्रतियोगी पर अहमदाबाद क्षेत्राधिकार के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
10. इस प्रतियोगिता में किसी भी प्रकार की धार्मिक उत्तेजनाओं को बढ़ाने वाली या अनुचित अश्लील सामग्री अमान्य व अपात्र होगी।
11. हमारे देश के प्रमुख नेताओं एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के बारे में अनुचित लिखना भी वर्जित है। आपकी सामग्री काल्पनिक और मौलिक होनी चाहिए. सभी कॉपीराइट पूरी तरह से लेखक के हैं। किसी भी स्थिति में शॉपिज़न द्वारा इसकी जिम्मेदारी नहीं ली जाएगी।
12. इस प्रतियोगिता के पहले शॉपिज़न पर प्रकाशित सामग्री इस प्रतियोगिता में वर्जित है।
13. शॉपिज़न कथा प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद ही परिणाम की तिथि घोषित की जाएगी।
14. शॉपिज़न अधिकृत पॅनल द्वारा विजेताओं की घोषणा की जाएगी और उनका निर्णय अंतिम माना जाएगा। इस संबंध में कोई भी विवाद अमान्य होगा।
15. शॉपिज़न द्वारा आश्वासन दिया जाता है कि यह प्रतियोगिता निष्पक्ष रूप से होगी और गुणवत्तापूर्ण साहित्य को प्रधानता दी जाएगी।
16. पुरस्कार की राशि केवल बैंक द्वारा हस्तांतरित की जाएगी किसी भी प्रकार की कैश या रोकड़ द्वारा नहीं।
17. प्रतियोगिता की चयनित रचनाओं की एक सशुल्क पेपरबैक पुस्तक प्रकाशित की जाएगी।
18. परिणामों की जानकारी विजेताओं को ईमेल एवं संदेश द्वारा दी जाएगी।
19. कृपया ध्यान रखें कि प्रतियोगिता के विजेताओं की पुरस्कार राशि परिणाम के 30 दिनों के भीतर जमा की जाएगी।
20. पुरस्कार राशि केवल भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बैंक खातों में जमा की जाएगी। अन्य देशों से भाग लेने वाले और जीतने वाले लेखकों का उपरोक्त तीन देशों में से किसी एक में खाता होना चाहिए।
अन्य कोई सूचना अथवा शिकायत होने पर आप हमें निम्न ईमेल पर लिख सकते हैं
hindi@shopizen.in
9926576455